प्रतिनिधि: राहुल सरपाते
पणजी, 14 मई 2026
गोवा की डॉ. प्रमोद सावंत सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। राज्य के ग्रामीण विकास विभाग और नीति आयोग के सहयोग से ‘महिला उद्यमिता मंच’ (WEP) के राज्य चैप्टर का भव्य शुभारंभ किया गया। लोक भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
एक साल का ठोस एक्शन प्लान
गोवा WEP चैप्टर ने महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए एक साल का विशेष रोडमैप तैयार किया है। इसके प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:
- बाजार तक पहुंच: महिला उद्यमियों के उत्पादों को बड़े बाजार से जोड़ना और नवाचार (Innovation) को बढ़ावा देना।
- ओडीओपी (ODOP): ‘एक जिला एक उत्पाद’ के माध्यम से पारंपरिक गोवा उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाना।
- हस्तशिल्प विकास: एटीआर हस्तशिल्प कार्यक्रम के जरिए महिला कारीगरों को तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान करना।
- ग्लोबल एक्सपोजर: ब्रिक्स (BRICS) स्टार्टअप कॉन्टेस्ट 2026 के जरिए महिला स्टार्टअप्स को अंतरराष्ट्रीय मंच पर लाना।
- डिजिटल साक्षरता: क्षमता निर्माण और डिजिटल सशक्तिकरण के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्रों का आयोजन।
“हमारा दृष्टिकोण एक ऐसा इकोसिस्टम बनाना है जहाँ गोवा की हर महिला आत्मनिर्भर और आत्मविश्वास से भरपूर हो। महिला नेतृत्व वाली उद्यमिता ही ‘स्वयंपूर्ण गोवा’ से ‘विकसित भारत’ के संकल्प को सिद्ध करेगी।”
— डॉ. प्रमोद सावंत, मुख्यमंत्री, गोवाग्रामीण अर्थव्यवस्था पर जोर
मुख्यमंत्री ने ‘वन तालुका वन प्रोडक्ट’ (OTOP) की संभावनाओं पर जोर देते हुए कहा कि इससे ग्रामीण स्तर पर रोजगार बढ़ेगा। उन्होंने जानकारी दी कि राज्य सरकार वर्तमान में लगभग 1.5 लाख महिलाओं को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से सीधे सहायता पहुँचा रही है।
प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में नीति आयोग की कार्यक्रम निदेशक और WEP की मिशन डायरेक्टर अन्ना रॉय ने मंच के उद्देश्यों को स्पष्ट किया। इस अवसर पर ग्रामीण विकास सचिव अर्जुन मोहन, निदेशक प्रेमराज शिरोडकर, दक्षिण गोवा डीआरडीए की परियोजना निदेशक दीपाली नाइक सहित बड़ी संख्या में महिला उद्यमी, स्वयं सहायता समूहों (SHG) की सदस्य और स्टार्टअप फाउंडर्स मौजूद रहे।












